सांप के डसने से मौत या सोची-समझी साजिश? पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

सांप के डसने से मौत या सोची-समझी साजिश? पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

1000264937

Death by snakebite or a calculated conspiracy?

मेरठ। Death by snakebite or a calculated conspiracy?.... 17 अप्रैल को अकबरपुर सादात में जो हुआ था, वहीं गुरुवार की रात हस्तिनापुर की शंकुतला कालोनी में दोहराया गया। सिर्फ घटनाक्रम के पात्र बदलते है। तब ऐसी पटकथा रचकर रविता ने प्रेमी अमनदीप संग मिलकर पति अमित कुमार की हत्या की थी। गुरुवार की रात इसी तरह स्कूल संचालक अतुल कुमार को मौत के घाट उतार दिया। हत्या को हादसा दर्शाने के लिए अतुल की चारपाई पर सांप छोड़ दिया।

सांप के काटने का निशान भी अतुल के पैर पर बना हुआ है। दोनों घटनाओं में अगल है, सिर्फ ये कि अमित की गला दबाकर हत्या करने के बाद सांप छोड़ा था। अतुल की हत्या में सांप से ही कटवाकर मारा गया है। इसबार पुलिस सांप बचेने वाले पर भी कार्रवाई करने जा रही है।

भंडौरा गांव निवासी 72 साल के अजब सिंह गांव में खेती करते हैं। उनकी पत्नी संतोष देवी भी साथ रहती हैं। बड़ा बेटा कुलदीप यूपी पुलिस में है, उनकी तैनाती नोएडा में है। कुलदीप का परिवार उनके साथ रहता है। मझले बेटे मनदीप की चार साल पहले मौत हो चुकी है। सबसे छोटा अतुल कुमार था, जो हस्तिनापुर में किराए के मकान में पत्नी दामिनी और दो बच्चों संग रहता था। घर के एक किमी दूरी पर दंपती ने स्कूल खोला था। इसी स्कूल की वैन तुषार पायला चलाता था।

दामिनी रोजाना बच्चों के संग ही वैन में सवार होकर स्कूल जाती है। वह स्कूल में शिक्षिका का काम करती है। वैन में रोजाना चालक के तुषार के साथ स्कूल जाते समय ही दामिनी की उससे नजदीकियां बढ़ गई। दोनों इतने करीब आ गए कि अतुल कुमार को रास्ते से हटाने की प्लानिंग कर डाली।

बहसूमा के अकबरपुर सादात की वारदात को उन्होंने एक बार फिर अतुल हत्याकांड को अंजाम देकर दोहरा दिया। एसपी देहात अभिजीत सिंह ने स्वीकार किया है कि अतुल की मौत हादसा नहीं है, बल्कि पूरी प्लानिंग से हत्या की गई है। उसके लिए सांप भी खरीदा गया है। इसबार सांप बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

सात साल पहले दोनों ने किया था प्रेम विवाह

मूलरूप से निरावली मोरना की रहने वाली दामिनी का परिवार हस्तिनापुर में आकर रहने लगा था। हस्तिनापुर के गणेशपुर स्थित स्वामी कल्याण देव स्कूल में दामिनी बच्चों को पढ़ाती थी। इसी स्कूल में अतुल कुमार भी शिक्षक थे।

आठ साल पहले स्कूल से ही दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। दोनों ने अपनी शादी का प्रस्ताव परिवार के सामने रखा। परिवार के इनकार करने पर दोनों ने एक दूसरे के बिना रहने से इन्कार कर दिया था। दोनों के प्यार को देखते ही परिवार को झुकना पड़ा।

सात साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। उसके बाद हस्तिनापुर में किराए की बिल्डिंग लेकर प्ले स्कूल संचालित कर दिया। इसी बीच दो बच्चे हो गए। स्कूल की वैन में जाते जाते दामिनी को चालक तुषार पायला से ही प्यार हो गया। उसके बाद अतुल की हत्या की पटकथा लिख दी गई।